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April 20, 2024
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10 हजार नए एफपीओ से गांवों में बढ़ेंगे रोजगार : तोमर

-9 राज्यों में 196 बेटर लाइफ फार्मिंग सेंटरों का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ
-कृषि सुधार के नए कानूनों के बहुत अच्छे परिणाम आने वाले हैं, देश के किसानों का समर्थन

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 9 राज्यों में कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ मिलकर बेहतर कार्य करने के लिए स्थापित 196 बेटर लाइफ फार्मिंग सेंटरों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय किसान दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि 10 हजार नए एफपीओ से गांवों में रोजगार बढ़ेंगे, एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से किसानों के खेतों तक साधन-सुविधाएं पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार के नए कानूनों के बहुत अच्छे परिणाम आने वाले हैं। पंजाब को छोड़कर देशभर के किसान इन कानूनों का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।

FPOs Village Employment

तोमर ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बेटर लाइफ फार्मिंग सेंटरों का शुभारंभ किया। ये बेटर लाइफ फार्मिंग सेंटर उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व कर्नाटक में शुरू हुए हैं। इस अवसर पर तोमर ने उम्मीद जताई कि सेंटरों से जुड़े हजारों किसान अपनी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही आय बढ़ाने में कामयाब होंगे व सभी एफपीओ सफलतापूर्वक कार्य करेंगे। ये सभी 9 राज्य कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, इनमें किसानों की जोत छोटी है। इन राज्यों में सेंटर खोलना किसानों व एफपीओके हित में सकारात्मक सोच है।

FPOs का उद्देश्य क्रेडिट गारंटी फंड दिलाना है

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जो खेती में स्वयं निवेश करने की क्षमता नहीं रखते हैं और महंगी फसलें उत्पादित करने की रिस्क नहीं ले पाते। परंपरागत ढंग से खेती करते हैं, जिससे अच्छे मुनाफे से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में ये सेंटर किसानों की भलाई के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने 10 हजार नए एफपीओ बनाने की स्कीम प्रारंभ कर दी है, जिस पर 5 साल में 6,850 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनकी वित्तीय मजबूती के मद्देनजर इक्विटी ग्रांट व क्रेडिट गारंटी फंड है।

प्रति किसान 2 हजार रुपये तक के मैचिंग ग्रांट के रूप में इक्विटी ग्रांट होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये प्रति एफपीओ होगी। डेढ़ हजार करोड़ रुपये तक के क्रेडिट गारंटी फंड का उद्देश्य एफपीओ को बिना किसी कोलैटरल एवं थर्ड पार्टी गारंटी के बैंक से 2 करोड़ रुपये तक का लोन आसानी से दिलाना है। एफपीओ को प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ाने एवं जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन के लिए क्लस्टर बेस्ड बिजनेस आर्गेनाइजेशन का प्रावधान है। प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, कस्टम हायरिंग सेंटर व सामान्य सुविधा केंद्र के माध्यम से गांवों में रोजगार बढ़ेंगे। निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

10 हजार नए एफपीओ से गांवों में बढ़ेंगे रोजगार : तोमर

इस फंड से किसानों को आसानी से मिलेगा लोन

तोमर ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए भारत सरकार बहुत तेजी से काम कर रही है। निजी निवेश नहीं आने तक किसी भी क्षेत्र की ग्रोथ नहीं होती है। कृषि के क्षेत्र में अभी तक गांवों, खेतों, ग्राम पंचायतों तक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ नहीं मिल पाया था, इसीलिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया गया है। इससे निजी निवेश गांव-गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों के खेतों तक साधन-सुविधाएं पहुंचाए जाएं। इस फंड से लोन देना शुरू किया जा चुका है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि सुधार कानूनों के लिए भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहल की, जिससे किसानों को शोषण से मुक्ति मिलेगी। अब किसान अपने खेत या घर से कहीं भी- किसी को भी अपनी उपज बेचने के लिए स्वतंत्र है। एपीएमसी रहेगी लेकिन मंडी के बाहर टैक्स नहीं होगा, जिसका लाभ भी किसानों को ही मिलेगा और वह वाजिब दाम पाने में सफल हो सकेगा। किसानों का कृषि उपज ले जाने का खर्चा भी बचेगा। नए कानून में किसानों को उनकी उपज का भुगतान अधिकतम 3 दिन में मिलेगा। किसानों को घर बैठे ही मोबाइल फोन पर देशभर के कृषि उपज के भाव मालूम होंगे, जिससे वे उचित मूल्य पर उपज बेच सकेंगे। इससे पारदर्शिता रहेगी, इंस्पेक्टर राज की समाप्ति होगी। 

किसान होंगे महंगी फसलों की ओर आकर्षित

सुशासन की दृष्टि से यह बहुत बड़ा कदम है, जिससे किसानों के जीवन में बदलाव आएगा और समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांट्रेक्ट फार्मिंग के कानून से, छोटे किसानों के पास बड़े खरीददार खुद चलकर आएंगे व प्रस्ताव देंगे कि किस दाम पर बुआई पूर्व ही सौदा कर सकते हैं। इससे किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित होंगे व गांव-गांव फूड प्रोसेसिंग की सुविधा होगी तथा कृषि उपज का निर्यात भी बढ़ेगा। अनुबंध करना किसान पर निर्भर है। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों की भूमि पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी।

कार्यक्रम में सांसद डा. महात्मे ने कहा कि बेटर लाइफ फार्मिंग सेंटरों से किसानों को बहुत सुविधा होगी, वे उपज खेत से ही बेच सकेंगे। डा. महात्मे ने नए कानूनों को किसानों के हक में बताते हुए कहा कि उन्हें पहली बार स्वतंत्रता मिली है। किसानों को वैकल्पिक बाजार मिल गया, अब उचित मूल्य मिलेगा।

कार्यक्रम में लगभग 15 हजार प्रगतिशील किसानों व 200 एफपीओ के सदस्यों के साथ ही बायर ग्रुप के एमडी डी. नारायन, बायर क्रॉप साइंस साउथ एशियाके सीओओ सिमोन थॉरस्टन, इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन के साउथ एशिया प्रतिनिधि  हर्ष विवेक समेत कई अन्य महत्वपूर्ण  लोग शामिल रहे।

यह भी पढ़ें: बैंक निजीकरण: सरकारी बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी

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