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April 20, 2024
Dustak Special

लद्दाख में बनेगा ​स्विट्जरलैंड जैसा टूरिस्ट स्टेशन

- टूरिस्‍ट स्‍टेशन का मैप स्विट्जरलैंड के किसी आर्किटेक्‍ट से बनवाया जाएगा
- अगले हफ्ते होगी लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपालों की बैठक
- छह साल में पूरी होंगी जोजिला सुरंग, हवाई पट्टी और ​टूरिस्ट स्टेशन योजना

नई दिल्ली: केंद्र सरकार चीन सीमा के करीब ​​लद्दाख में ​स्विट्जरलैंड जैसा नजा​रे वाला ​​नया ​​टूरिस्ट स्टेशन​ बनाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार​ पहले ही ​​लद्दाख के​​ लिए महत्वाकांक्षी हवाई संपर्क योजना को मंजूरी​ दे चुकी है जिसके तहत चीन सीमा के पास 22 आधुनिक हेलीपैड​ और लद्दाख ​की पहाड़ियों ​में 6 हवाई पट्टियां ​बनाने का काम चल रहा है​।​ ​​​​नया टूरिस्ट स्टेशन​ बनाने की विश्वस्त​रीय ​यह ​परियोजना​ ​जोजीला सुरंग ​और ​जम्मू-कश्मीर के जेड​ ​मोड़ के बीच​ ​​ऊंचाई वाले ​​18 किलोमीटर इलाके ​​​के लिए बनाई गई है। 

लद्दाख में बनेगा ​स्विट्जरलैंड
एशिया की सबसे बड़ी सुरंग जोजीला का निर्माण तेजी पर

जोजीला दर्रा समुद्र तल ​​से 11,578 मीटर की ऊंचाई पर श्रीनगर-करगिल-लेह मार्ग पर है​।​ इस समय ​​एशिया की सबसे बड़ी ​इस ​​जोजीला सुरंग का निर्माण तेजी से चल रहा है​। ​केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने​ 15 अक्टूबर​,​ 2020 ​को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए पहला ब्लास्ट​ करके दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक जम्मू-कश्मीर में जोजिला​ ​दर्रे के पास​ ​इस सुरंग ​का निर्माण कार्य ​शुरू कराया था।​पाकिस्तान की सीमा तक 14.15 किमी. लंबी बनने वाली इस सुरंग से भारत की LOC तक रणनीतिक पहुंच मजबूत होगी।​

इस सुरंग के बनने पर श्रीनगर और लेह के बीच रास्ता 12 महीने खुला रहेगा​।​ फिलहाल सर्दियों में लेह बाकी देश से कट जाता है​​​।​​​ करीब 11,000 करोड़ रुपये की लागत ​से यह सड़क सुरंग छह साल में बनकर तैयार होगी​​​​। इससे पहले केंद्र सरकार ​​लद्दाख के लिए महत्वाकांक्षी हवाई संपर्क योजना को मंजूरी​ दे चुकी है​। मौजूदा समय में लद्दाख रीजन में 8 हेलीपैड हैं, जिनमें 5 लेह में और 3 करगिल में हैं, जिनका आधुनिकीकरण किया जाना है।

मेडिकल इमरजेंसी या आपदा के लिए हेलीपैड का होगा इंतज़ाम

इसके अलावा 14 नए आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिसमें से 2 लेह में और 12 करगिल में होंगे। इस तरह लद्दाख रीजन में 22 अत्याधुनिक हेलीपैड हो जायेंगे। ज्यादातर बनने वाले नए हेलीपैड भारत-चीन सीमा के पास हैं। इसलिए किसी भी आपातकालीन जरूरत जैसे प्राकृतिक आपदा या स्थानीय नागरिकों की मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए ये हेलीपैड बेहद अहम कड़ी साबित होंगे। यह योजना भी छह साल में पूरी होगी। अब केंद्र सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर को दो हिस्‍सों में बांटकर बनाए गए केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख​ ​में स्विट्जरलैंड के दावोस जैसा टूरिस्‍ट स्‍टेशन विकसित करने की योजना बनाई है।

जोजीला सुरंग ​और जेड-मोड़ के बीच ऊंचाई वाले ​​18 किलोमीटर इलाके ​​​के लिए​यह विश्वस्तर की ​परियोजना है। सरकार का इरादा यहां एक टाउन बसाने का है जिससे लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक इस टूरिस्‍ट स्‍टेशन प्रोजेक्‍ट के लिए अगले हफ्ते लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपालों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में दोनों उप-राज्यपालों से इस परियोजना के लिए इक्विटी कैपिटल के तौर पर जमीन लेने का विचार किया जा रहा है। छह साल में पूरी होने वाली इस परियोजना के लिए नए टूरिस्‍ट स्‍टेशन का मैप स्विट्जरलैंड के किसी आर्किटेक्‍ट से बनवाया जाएगा।

– माधव गोविंद वैद्य

पढ़ें: लेह, लद्दाख की लाइफलाइन बनेगी ‘अटल सुरंग’ : पीएम मोदी

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