26.8 C
New Delhi
April 21, 2024
Dustak Special

अयोध्या धाम से रामेश्वरम तक, 8 रामायण स्थलों का वास्तविक जीवन में भ्रमण

हम सभी जानते हैं कि भगवान राम की यात्रा अयोध्या धाम में शुरू हुई थी, लेकिन भारत भर में ऐसे बहुतेरे स्थान है जहां से उनका नाता रहा है। अपने जन्म से लेकर, वन भ्रमण, सीता हरण, रावण वध और अयोध्या वापसी तक इस यात्रा के दौरान भगवान राम ने पत्थरों और मिथकों में अपनी छाप छोड़कर यात्रा की है। किंवदंतियाँ के अनुसार आज भी भारत भर में तमाम ऐसे स्थान व्यापत है जिसमे से कुछ स्थानों पर आप वास्तविक जीवन में रामायण की यात्रा कर सकते हैं।

अयोध्या से रामेश्वरम तक
1. चंदखुरी, छत्तीसगढ़ – भगवान राम का मातृ

भगवान राम का मातृ घर चंदकुरी में है, जिसे उनके नाना और उनकी माता कौशल्या का जन्म स्थान माना जाता है। इस स्थान पर माता कौशल्या के नाम पर एक मंदिर है। बता दें कि सरकार ने पहले ही इसे धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है।

2. अयोध्या धाम, उत्तर प्रदेश – भगवान राम का जन्म स्थान

सरयू नदी के तट पर स्थित, अयोध्या धाम भारत भर में रामभक्तों का केंद्र रही हैं। अयोध्या नगरी भगवान राम की जन्मभूमि है, और इसलिए, वहाँ उनके लिए समर्पित मंदिरों की शोभा आश्चर्य की बात नहीं है। आगामी राम मंदिर के साथ-साथ यहां हनुमानगढ़ी मंदिर और श्री नागेश्वरनाथ मंदिर जैसे अन्य दर्शनीय मंदिर हैं। आँवले में भगवान राम की 251 मीटर ऊँची मूर्ति भी है।

3. प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – वह स्थान जहाँ भगवान राम ने नदी पार की थी

जब भगवान राम ने राजा दशरथ के आदेश पर अयोध्या धाम छोड़ दिया, तो उन्होंने अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ प्रयागराज में गंगा को पार किया। बहुत दिलचस्प बात है कि प्रयागराज गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती,  त्रिवेणी संगम का स्थल भी है। तीनों नदियों का संगम हिंदुओं के लिए बेहद पवित्र है।

4. चित्रकूट, उत्तर प्रदेश – वह स्थान जहाँ भगवान राम ने अपना वनवास बिताया था

माना जाता है कि भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ चित्रकूट में अपने निर्वासन के वर्षों बिताये। मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित, शहर के कई मंदिर और घाट इसकी शोभा को और बढ़ाने का काम करतें हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने अपने पूर्वजों से आशीर्वाद पाने के लिए राम घाट पर पितृ पूजा की थी। भक्त अब पूजा करने के लिए घाट पर आते हैं। इसके साथ ही चित्रकूट, महाकाव्य रामचरितमानस के लेखक तुलसीदास की जन्मभूमि भी है।

5. पंचवटी, नासिक – वह स्थान जहाँ भगवान राम ने एक घर बनाया था

माना जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान पंचवटी में एक घर बनाया था। नासिक में गोदावरी के बाएं किनारे पर स्थित पंचवटी में कालाराम मंदिर है। यह क्षेत्र कालाराम मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर में आने वाले कई भक्तों को आकर्षित करता है।

6. बाणगंगा टैंक, मुंबई – वह स्थान जहाँ भगवान राम ने प्यास बुझाई थी

दक्षिण मुंबई में एक बड़ा, आयताकार पानी का टैंक है जिसे बाणगंगा टैंक कहा जाता है। माना जाता है कि जब भगवान राम, माता सीता को खोजतें हुए वन – वन भटक रहे थे तब श्री राम और उनके भाई लक्ष्मण इस स्थान पर पहुंचे थे। यहां पहुचने के बाद प्यासे भगवान राम ने पृथ्वी पर तीर चलाई, जहां भूमिगत गंगा से पानी बह निकला।

7. हम्पी, कर्नाटक – भगवान राम की सेना का स्थान

भारत का सबसे प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, हम्पी किष्किंधा का स्थल है। यह वह स्थान है जहाँ लंका जाने के मार्ग पर वानर सेना भगवान राम से जुड़े थे और सेना बनाई थी। बड़े पैमाने पर बोल्डर के साथ हम्पी के चट्टानी परिदृश्य को वानर राजा सुग्रीव के रामायण युग के साम्राज्य की कड़ी माना जाता है।

8. रामेश्वरम, तमिलनाडु – राम सेतु का स्थान

भगवान राम की वानरों की सेना ने लंका तक पहुंचने के लिए राम सेतु का निर्माण किया था। माना जाता है कि लंका से लौटने के बाद सीता ने यहां एक शिवलिंग बनाया था। भगवान राम ने भी रावण का वध करने के बाद यहां भगवान शिव से प्रार्थना की थी। यही कारण है कि रामेश्वरम के श्री रामनाथस्वामी मंदिर में 22 कुएं हिंदुओं के लिए बहुत महत्व रखते हैं।

यह भी पढ़ें: अब जल्द ही पर्यटक क्रूज से ही सरयू नदी की आरती का लेंगे आनंद

Related posts

स्ट्रीट फूड के हैं शौकीन तो, आज ही जाएं दिल्ली की इन 7 जगहों पर

Buland Dustak

रतन टाटा: हिंदुस्तान के अनमोल रत्न, जानें उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें

Buland Dustak

राजीव कपूर के डूबतें कॅरियर को शायद बचा सकते थे पिता राज कपूर

Buland Dustak

पितृ पक्ष 2021: श्राद्ध से जुड़ी हर वो बात जिसे जानना जरूरी

Buland Dustak

अटल बिहारी वाजपेयी जी की हाजिरजवाबी और ईमानदार छवि

Buland Dustak

साइबर क्राइम: डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियां

Buland Dustak