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April 20, 2024
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एचएएल ने शुरू किया जेट ट्रेनर का स्पिन परीक्षण

- वायुसेना की सलाह पर एचएएल ने इसकी डिजाइन में कई संशोधन किये
- जेट ट्रेनर विमानों को अब एंटी-स्पिन पैराशूट सिस्टम से लैस किया गया 
- जल्द ही बदलेगा भारतीय वायुसेना के ट्रेनर किरण विमानों का बेड़ा 

नई दिल्ली: आखिरकार लम्बे इन्तजार के बाद भारतीय वायुसेना के ट्रेनर किरण विमानों का बेड़ा बदलने के लिए तैयार किये गए जेट ट्रेनर का परीक्षण हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने सोमवार से शुरू कर दिया है।

एचएएल के टेस्ट पायलट ग्रुप कैप्टन (रिटायर्ड) एचवी शंकर और विंग कमांडर (रिटायर्ड) पी अवस्थी ने बेंगलुरू में विमान का स्पिन परीक्षण करने के लिए उड़ान भरी। वायुसेना की सलाह पर एचएएल ने इसकी डिजाइन में कई संशोधन किये हैं. जिसके बाद यह पहला स्पिन उड़ान परीक्षण किया गया है।  

हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के एचजेटी-36 ‘सितारा’ इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर (आईजेटी) ने 17 अप्रैल, 2019 को पहली बार आसमान में उड़ान भरी। भारतीय वायु सेना ने उस समय इसके डिजाइन में संशोधनों की जरूरत बताई थी। इन संशोधनों के साथ एचएएल ने विमान को 2020 तक तैयार करके स्पिन परीक्षण शुरू करने की उम्मीद जताई थी। 

जेट ट्रेनर का स्पिन परीक्षण

दरअसल, भारतीय वायुसेना अपने शुरुआती ट्रेनर किरन विमान बेड़े को बदलना चाहती है। इसलिए एचएएल ने स्वदेशी इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर को विकसित किया है। किसी विमान का स्पिन परीक्षण उसके उड़ान परीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। विमान के व्यवहार का आकलन करने के लिए परीक्षण को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाता है, जब तक दोनों तरफ छह स्पिन नहीं होते। यह लक्षित आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जाता है। 

एचएएल ने विमान को फिर से डिजाइन किया है

एक बयान में एचएएल ने बताया कि आईजेटी का पहले ही गति, ऊंचाई और लोड के मामले में परीक्षण किया जा चुका है और इसे ड्रॉप टैंकों के साथ-साथ बमों के साथ भी एकीकृत किया गया है। स्वदेशी इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर का सोमवार को बेंगलुरु में स्पिन उड़ान परीक्षण शुरू किया गया।

उड़ान को एचएएल के परीक्षण पायलटों ग्रुप कैप्टन एचवी ठाकुर (सेवानिवृत्त) और विंग कमांडर पी अवस्थी (सेवानिवृत्त) ने संचालित किया।स्पिन परीक्षण के लिए, एचएएल ने ऊर्ध्वाधर पूंछ को पीछे करके और पतवार की सतह को फैलाकर विमान को फिर से डिजाइन किया है। 

एचएएल ने बताया कि हर चरण में प्रमाणीकरण एजेंसियों से भागीदारी और मंजूरी के साथ बदलाव को दो विमानों में शामिल किया गया है। संशोधन के बाद दो विमानों ने फिन और पतवार के नए विन्यास के साथ सामान्य हैंडलिंग का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण उड़ान परीक्षण किया गया।

इन विमानों में अब आवश्यक सुरक्षा उपकरणों को शामिल किया गया है, जिसमें एंटी-स्पिन पैराशूट सिस्टम शामिल हैं। पहले परीक्षण के दौरान विमान को स्पिन विशेषताओं का परीक्षण करने के लिए बाएं और दाएं हाथ के लिए एक बारी स्पिन के माध्यम से लिया गया था। अब विमान को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों (एंटी-स्पिन पैराशूट सिस्टम) के साथ शामिल किया गया है।

​यह भी पढ़ें – एक साथ गरजे भारत और अमेरिकी लड़ाकू विमान

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