बिजनेस

कैट ने ई-कॉमर्स पोर्टल ‘भारत ई मार्केट’ का लोगो किया लॉन्‍च

कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अपने बहु प्रतीक्षित और बहुआयामी ई-कॉमर्स पोर्टल ‘भारत ई मार्केट’ का लोगो (प्रतीक चिह्न) को लॉन्‍च कर दिया है। कैट ने इसे लॉन्‍च करते हुए कहा कि यह पोर्टल व्यापारियों द्वारा भारत और भारत के व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए बनाया गया है। कारोबारी संगठन ने कहा कि ये पोटर्ल ई-कामर्स व्यापार में देश  के व्यापारियों को विदेशी ई-कामर्स कंपनियों के चंगुल से आजाद करने का पहला कदम है।

ई-कॉमर्स पोर्टल

लॉन्चिंग के अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए भाग लेते हुए केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने भारत ई मार्केट के लोगो को लॉन्‍च करते हुए कारोबारी संगठन कैट के निर्णय की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि निश्चित रूप से ये कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को अमली जामा पहनाने के लिए मील का पत्थर बनेगा। उन्‍होंने साफ शब्‍दों में कहा कि सरकार ई-क़ामर्स व्यापार को सबके लिए समानता के साथ उपलब्ध कराने के लिए संकल्‍पकृत है। लेकिन, किसी ई-क़ामर्स कंपनी की मनमानी को केंद्र सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। 

सरकार की नीतियों का उल्लंघन बर्दास्‍त नहीं 

सोम प्रकाश ने कहा कि यदि कोई भी सरकार की नीतियों का उल्लंघन करेगा तो उसे सख़्त कारवाई का सामना करने के लिए तैय्यार रहना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कैट द्वारा समय-समय पर डिजिटल भुगतान और डिजिटल तकनीक से व्यापारियों को जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि अब व्यापार करने का तौर तरीका बदल रहा है। इसलिए व्यापारियों को भी अब अपने व्यापार को तकनीक से जोड़ना जरूरी है। 

वर्तमान में करीब 24 फीसदी है ई-कॉमर्स व्‍यापार

इस मौके पर कैट के राष्‍ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कोविड-19 और लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन व्यापार में बड़ी वृद्धि हुई है। कोविड से पहले भारत में ई-कामर्स व्यवसाय लगभग 7 फीसदी था, जो वर्तमान में लगभग 24 फीसदी हो गया है। शहरी क्षेत्रों में 42 फीसदी इंटरनेट का इस्‍तेमाल करने वाले अब ई-कॉमर्स के माध्यम से अपनी खरीदारी कर रहे हैं।

हालांकि, भारत में व्यापारियों की दुकाने भारतीय अर्थव्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी, जिन्हे कोई मिटा नहीं नहीं सकता। उन्‍होंने कहा कि ई-कॉमर्स व्यापार का आधुनिक और नया तरीका है, जिसे देश के व्यापारियों द्वारा एक अतिरिक्त व्यापार के रूप में अपनाया जाना भी आवश्यक बन गया है। 

2026 तक 200 बिलियन डॉलर का होगा कारोबार 

खंडेलवाल ने कहा कि भारत में स्मार्टफोन और इंटरनेट के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल तथा केंद्र सरकार द्वारा पंचायतों को डिजिटल तकनीक से साथ जोड़े जाने के चलते देश का ई-कॉमर्स बाजार वर्ष 2026 तक 200 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है,  जो वर्तमान में करीब 45 बिलियन डॉलर है। उन्‍होंने कहा कि देश में 5जी तकनीक के जल्द शुरू होने के बाद ई-कामर्स व्यापार तेजी से आगे बढ़ेगा और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ेंगे। खंडेलवाल ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए और देश के व्यापारियों को आगे बढ़ाने के इरादे से भारत ई मार्केट पोर्टल को शुरू करने का निर्णय कैट ने लिया है।

भारत ई मार्किट ई-कॉमर्स पोर्टल के लोगो लॉन्चिंग के मौके पर अंतरराष्ट्रीय वास्तु विशेषज्ञ डॉ. खुशदीप बंसल, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयमैन प्रदीप सिंघल, ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल, पंकज मोहिंद्रू, अरविंदर खुराना तथा मास्टरकार्ड और एचडीएफसी बैंक तथा अन्य कॉरपोरेट कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेता भी शामिल हुए।

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