उत्तर प्रदेश

UP के किसी सरकारी कोविड अस्पताल में अब नहीं होगी संसाधनों की किल्लत

-प्रयागराज, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और लोहिया संस्थान को 4.16 करोड़ से अधिक जारी
-लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में 1.59 करोड़ से खरीदी जाएंगी 40 बाइपैप मशीनें
-मल्टीपैरा मॉनिटर व ऑक्सिमीटर के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को मिले 1.27 करोड़
-प्रयागराज मेडिकल कॉलेज को पैरा मॉनिटर समेत अन्य उपकरणों के लिए मिले 1.30 करोड़

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोविड से जंग लड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में युद्ध स्तर पर तैयारियां हो रही हैं। कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए सभी संस्थानों को नई मशीनों से लैस किया जा रहा है। राम मनोहर लोहिया चिकित्सा आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज और बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल को संसाधनों के लिए चार करोड़ 16 लाख 76 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

आपात परिस्थितियों को देखते हुए अस्पतालों को नई मशीनों से लैस कर रही योगी सरकार

योगी सरकार से मिली इस धनराशि से आरएमएल लखनऊ, मेडिकल कॉलेज प्रयागराज और गोरखपुर में चिकित्सकीय संसाधन और सुदृढ होंगे और अधिक से अधिक कोविड संक्रमितों को संजीवनी मिलेगी। कोविड संक्रमितों के बेहतर इलाज के लिए बाइपैप मशीनें, डिफाइब्रीलेटर, मल्टीपैरा मॉनिटर, टेबल टॉप पल्स ऑक्सिमीटर, एबीजी मशीन, ईसीजी मॉनिटर, सक्शन मशीनों की आवश्यकता अधिक होती है। सरकार की ओर से दिए गए रकम से इन मशीनों की खरीदारी की जाएगी। 

UP का कोविड अस्पताल

उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोविड मरीजों के समुचित इलाज के लिए आरएमएल आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ को एक करोड़ 59 लाख चार हजार की धनराशि जारी की गई है। इससे 40 बाइपैप मशीनों की अतिरिक्त्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज को एक करोड़ 30 लाख 29 हजार रुपए जारी किए गए हैं। इसमें से 77 लाख 28 हजार से 100 पैरा मॉनिटर, 14 लाख 56 हजार से दो एबीजी मशीनें, चार लाख 73 हजार रुपए से पांच ईसीजी मॉनिटर, 25 लाख 76 हजार से दो डिफाइब्रीलेटर और सात लाख 96 हजार से नौ सक्शन मशीनें खरीदी जाएंगी।

प्रवक्ता ने बताया कि गोरखपुर में कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए कोरोना महामारी के पहले ही चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड वाले बाल चिकित्सा संस्थान को 300 बेड के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में तब्दील कर दिया गया था।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के लिए योगी सरकार ने 1.27 करोड़ रुपए से अधिक की जो धनराशि जारी की है, उसमें से 77 लाख 50 हजार रुपये से 50 मल्टीपैरा मॉनिटर (हाई एन्ड) तथा 49 लाख 92 हजार 500 रुपये से 50 टेबल टॉप पल्स ऑक्सिमीटर का क्रय किया जाएगा।

पल्स रेट गिरते ही अलार्म बजा देगा नया उपकरण

मल्टीपैरा मॉनिटर (हाई एन्ड) कोरोना संक्रमित गम्भीर मरीजों के इलाज में काफी कारगर है। यह ऐसा उपकरण है जिसमें बीपी, ईसीजी आदि की तो लगातार मॉनिटरिंग होगी ही, मरीज का पल्स रेट गिरते ही या सांस लेने में तकलीफ होने पर अलार्म बज उठेगा। इससे नर्स और चिकित्सक को तुरंत ही सूचना मिल जाएगी और मरीज के इलाज में वांछित अन्य इंतजाम हो सकेंगे।

कोविड संक्रमितों के इलाज में ऑक्सीजन स्तर की नियमित मॉनिटरिंग अपरिहार्य है। मेडिकल कॉलेज के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में 50 मल्टीपैरा मॉनिटर और 50 टेबल टॉप पल्स ऑक्सिमीटर उपलब्ध हो जाने से यहां इलाज की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

Read More: उत्तर प्रदेश की कोविड राजधानी बना लखनऊ, 24 घंटे में 36 मरीजों की मौत

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