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May 25, 2024
देश

अपराध और आतंकवाद पर प्रधानमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति: रेड्डी

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि अपराध और आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रही है और केंद्र सरकार अपराध मुक्त भारत के निर्माण में विश्वास रखती है।

रेड्डी ने मंगलवार को राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा आयोजित ‘21वीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस ऑफ डायरेक्टर्स, फिंगरप्रिंट ब्यूरो – 2020’ का आनलाइन उद्घाटन किया। इस अवसर पर ई – साइबर लैब का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि अपराध और आतंकवाद के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीरो टालरेंस की नीति रही है। रेड्डी ने कहा की गृहमंत्री अमित शाह भी ‘अपराध मुक्त भारत’ के निर्माण में विश्वास रखते हैं और हमारी सरकार का लक्ष्य किसी भी जाति, धर्म और क्षेत्रीयता से परे अपराध का समूल नाश करना है । 

अपराध और आतंकवाद

जी. किशन रेड्डी ने कहा कि किसी भी तरह का अपराध मानवता के खिलाफ होता है। सरकार पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की दिशा में काम कर रही है और महिलाओं के प्रति अपराध समाप्त करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैसे तो अपराध पर नियंत्रण राज्य का विषय है किन्तु प्रभावी नियंत्रण एवं पुलिस फोर्स को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार पूरा मार्गदर्शन कर रही है।

मोदी सरकार ने पुलिस को आधुनिक बनाने की दिशा में बहुत काम किया है और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देते हुए 2019-20 के बजट में भी बढ़ोतरी कर 780 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। 

क्राइम ट्रैकिंग की दिशा में फिंगरप्रिंट की अत्यंत महत्वपूर्ण

फिंगरप्रिंट निदेशकों के दो दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि क्राइम ट्रैकिंग की दिशा में फिंगरप्रिंट की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हमारे अंगुली छाप (फिंगरप्रिंट) से जांच में बहुत मदद मिलती है और यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण टूल के रूप में काम करता है।

उन्होंने कहा कि अंगुली छाप (फिंगरप्रिंट) एक क्राइम सीन को दूसरे से जोड़ने के साथ यह भी बताता है कि क्या उसमें एक या एक से अधिक व्यक्तियों की भागीदारी रही। फिंगरप्रिंट द्वारा अपराध करने वाले के क्राइम रिकॉर्ड का भी पता चलता है। 

रेड्डी ने कहा की डिजिटलाइजेसन होने तथा नेशनल आटोमेटेड फिंगर प्रिंट सिस्टम (एनएएफआईएस) एक्टिव होने से अपराध नियंत्रित करने में और अधिक सफलता प्राप्त होगी। रेड्डी ने कहा कि अक्टूबर माह राष्ट्रीय साइबर अपराध जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है और इस महीने में ई-साइबर लैब का उद्घाटन होना खुशी की बात है।

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