एजुकेशन/करियर

बच्चों को मानसिक समस्या से उबारने के लिए होगी काउंसलिंग

– पंचायत स्तर पर भी शुरू होगा संवाद कार्यक्रम

नई दिल्ली: महिला व बाल विकास मंत्रालय ने अपनी संवाद योजना को पंचायत स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है। संवाद योजना के तहत पीड़ित महिलाओं व बाल संरक्षण में जुटी संस्थाओं के विशेषज्ञों को पीड़ितों को मानसिक समस्या से उबारने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिला व बाल विकास मंत्रालय ने इस बाबत राष्ट्रीय मानसिक जांच व स्नायु विज्ञान संस्थान (निमहंस) के साथ करार किया है। यह योजना जून 2020 में शुरू की गई थी।

मानसिक समस्या

महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को बताया कि संवाद योजना के तहत पीड़ित बच्चों व महिलाओं को मानसिक समस्या/परेशानियों से उबारने के लिए काउंसलर को ट्रेनिंग दी जा रही है। देश के 28 राज्यों के बाल संरक्षण केन्द्र व उनसे जुड़ी संस्थाओं के करीब 41 हजार से अधिक विशेषज्ञों को इस संबंध में निमहंस द्वारा ट्रेनिंग दी गई है।

आगे उन्होंने कहा कि जल्दी ही पंचायत स्तर पर भी गठित की जाने वाली कमेटी को प्रशिक्षण देने की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए पंचायती राज मंत्रालय को इस योजना से जोड़ा गया है। 112 आकांक्षी जिले व महिलाओं के खिलाफ अपराध वाले 100 जिलों में विशेषकर इस संवाद योजना को जमीन स्तर पर ले जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए मंत्रालय ने पांच साल के लिए 56 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

क्षेत्रीय भाषाओं में भी दी जाएगी ट्रेनिंग

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि पीड़ित बच्चों को सलाह देने के लिए ट्रेनर को उनकी भाषा में संवाद करने की आवश्यकता महसूस की गई है। कई जिलों ने इस बारे में मंत्रालय को लिखा है कि ट्रेनिंग क्षेत्रीय भाषाओं में भी मुहैया कराई जाए। उन्होंने बताया कि सभी जिलों की समस्याओं के आधार पर निमहंस ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार करेगा।

नौ महीनों में किए गए 316 प्रशिक्षण कार्यक्रम

निमहंस के मनोचिकित्सक डॉ. शेखर शेषाद्री ने बताया कि यौन शोषण से पीड़ित बच्चे, बाल तस्करी से छुड़ाए गए बच्चों सहित कई अन्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों के मन में गहरा आघात पहुंचता है। अगर बच्चों की मानसिक समस्या को समय पर निवारण नहीं किया गया, तो उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें काउंसलिंग करने वाले लोगों को भी पूरी संवेदनशीलता के साथ काउंसलिंग करने की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में 95 जन संपर्क कार्यक्रम के साथ 316 प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया है।

यह भी पढ़ें: “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड”, है रक्षा मंत्री का नया मंत्र

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