14.1 C
New Delhi
December 6, 2023
हेल्थ

नुकसानदायक हो सकता है अधिक नमक खाना

रंजना मिश्रा कहते हैं नमक स्वादानुसार खाना चाहिए लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि नमक स्वास्थ्यानुसार खाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एक व्यक्ति को दिनभर में औसतन 2 हजार कैलोरी की आवश्यकता होती है, इसमें Salt की कुल मात्रा 5 ग्राम ही होनी चाहिए इससे अधिक नहीं। ज्यादा नमक शरीर के लिए नुकसानदायक है और शरीर को खोखला कर सकता है। नमक और चीनी दोनों ही अधिक मात्रा में खाना नुकसानदायक होता है।

ब्रिटेन की एक संस्था ‘एक्शन ऑन साल्ट‘ ने हेल्दी स्नैक्स कहे जाने वाले 119 पैकेज्ड फूड पर सर्वे किया। जिसमें यह सामने आया कि 43% हेल्दी प्रोडक्ट्स में नमक, फैट और शुगर की मात्रा जरूरत से ज्यादा है, जबकि इन चीजों के कम इस्तेमाल से भी यह स्नैक्स बनाए जा सकते हैं। लंदन की “क्वीन मैरी‘ यूनिवर्सिटी की इसी रिसर्च टीम ने पाया कि ऐसे हेल्दी फूड्स जिन पर लेस फैट, नो ऐडेड शुगर या क्लूटन फ्री जैसी जानकारियां दी गई थीं, इनमें भी नमक की मात्रा जरूरत से ज्यादा थी।

नमक के फायदे नुकसान

ब्रिटेन में हेल्दी स्नैक्स कहकर बेचे जा रहे सौ ग्राम चिप्स के पैकेट में 3.6 ग्राम Salt पाया गया, जो दिन की जरूरत यानी 5 ग्राम के काफी करीब है। हेल्दी स्नैक्स में मौजूद नमक, समुद्र के पानी में मौजूद नमक की मात्रा से भी ज्यादा है। समुद्र के 100 मिलीलीटर पानी में 3.5 ग्राम Salt पाया जाता है और इसे पीने लायक नहीं माना जाता। तात्पर्य यह है कि हम जिन्हें हेल्दी स्नैक्स समझकर खाते हैं, वास्तव में उतने हेल्दी हैं नहीं।भारत में बिकने वाले स्नैक्स का भी लगभग यही हाल है।

विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च करने वाली संस्था ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट‘ की एक स्टडी में पाया गया कि भारतीय बाजारों में बिकने वाले जंक फूड में नमक की मात्रा तय सीमा से कहीं ज्यादा है। इस संस्था ने कुछ मशहूर ब्रांड के पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, चिप्स व इंस्टेंट नूडल्स के सैंपल लिए और उनकी जांच की। जिसमें पाया गया कि खाने-पीने की इन चीजों में नमक जरूरत से ज्यादा या खतरनाक स्तर पर था। सर्वे में भारत में बिकने वाले मल्टीग्रेन चिप्स और बेक्ड स्नैक्स को भी शामिल किया गया।

दिल्ली के अलग-अलग बाजारों से 33 सैंपल लिए गए और इन सैंपल्स की लैब में जांच की गई, इनमें से 14 सैंपल चिप्स, नमकीन और सूप के थे, 19 सैंपल बर्गर, पिज्जा और फ्रेंच फ्राइज के थे। जांच से पता चला कि मल्टीग्रेन चिप्स के 30 ग्राम के पैकेट में 5.1 ग्राम नमक था, 230 ग्राम आलू की भुजिया में Salt की मात्रा 7 ग्राम थी, 70 ग्राम इंस्टेंट नूडल्स में नमक की मात्रा 5.8 ग्राम पाई गई, इंस्टेंट सूप में 11.07 ग्राम नमक पाया गया। इससे पता चलता है कि इन प्रोडक्ट्स में मौजूद Salt की मात्रा किसी व्यक्ति के लिए एक दिन में खाए जाने वाले नमक की आवश्यक मात्रा से भी अधिक है।

salt-benefits

इस रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है कि जिस प्रकार शाकाहारी एवं मांसाहारी खाने के पैकेट पर हरे व लाल रंग के निशान लगे होते हैं, उसी प्रकार नमक की मात्रा ज्यादा होने पर भी पैकेट के ऊपर चेतावनी लिखी जानी चाहिए, जिससे खरीदने वाले को सही जानकारी मिल पाए। भारत में खाने-पीने की चीजों के मानकों को तय करने वाली संस्था ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया‘ के मुताबिक पैकेट बंद खाने में नमक एवं फैट की मात्रा बताना जरूरी है। यदि पैकेट पर नमक या फैट की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो तो पैकेट के सामने वाले हिस्से पर वार्निंग लेबल लगाना आवश्यक है।

प्रोसैस्ड फूड यानी पैकेट में नमक की मात्रा इसलिए ज्यादा होती है क्योंकि ये प्रिजर्वेटिव का काम भी करता है इसके अलावा पैकेट में डाले गए दूसरे केमिकल्स और कलर के टेस्ट को कम करने के लिए भी यह ज्यादा मात्रा में डाला जाता है। अधिक नमक का इस्तेमाल हाईब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है, ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी बहुत ज्यादा मात्रा में जमा होने लगता है, इसे वाटर रिटेंशन या फ्लुएड रिटेंशन कहते हैं। ऐसी स्थिति में हाथ, पैर और चेहरे पर सूजन आ जाती है।

शरीर में ज्यादा नमक की मात्रा से डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। ये दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा देता है। ज्यादा नमक से कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है और पथरी की समस्या हो सकती है। Salt की अधिकता किडनी और दिमाग से संबंधित कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। भारत दुनिया का दूसरा देश है जहां डायबिटीज के सबसे अधिक मरीज हैं। दिसंबर 2019 तक हमारे देश में 7 करोड़ 70 लाख डायबिटीज के मरीज पाए गए। हाईब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या 20 करोड़ से ज्यादा है।

दिल की बीमारियों के मरीज चार करोड़ से ज्यादा हैं। किडनी के मरीजों की संख्या 5 लाख से ज्यादा है, इन सभी बीमारियों का एक कारण ज्यादा नमक खाना भी हो सकता है, जो सदा आयोडीन युक्त ही खाना चाहिए। बहुत कम नमक खाना भी नुकसानदायक है, इससे सोडियम की कमी हो सकती है, जिससे हार्मोन्स का स्तर बिगड़ सकता है व दिमाग सुस्त हो सकता है।

(लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)

यह भी पढ़ें: सावधानी: गर्भावस्था में एक साथ न खाएं आयरन-कैल्शियम की गोलियां

Related posts

Armenian cucumber- ककड़ी का करें सेवन और बीमारियां भगाएं दूर

Buland Dustak

वायु प्रदूषण से बढ़ रही हैं फेफड़े और दिल से जुड़ी घातक बीमारियां

Buland Dustak

कोरोना काल में बच्‍चों का मनोभाव रखना है ऊपर, तभी वे रहेंगे मुस्‍कुराते

Buland Dustak

“डाइट प्लान” से कोरोना का इलाज है संभव- एक्सपर्ट

Buland Dustak

बच्चों में आनुवंशिक विकारों (Genetic Disorder) का निदान सम्भव: प्रो शुभा फड़के

Buland Dustak

Menstrual Hygiene: Periods के दौरान हाइजीन मेंटेन रखना है बेहद जरूरी

Buland Dustak