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May 26, 2024
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PSLV-C51 launch: इसरो ने अंतरिक्ष में भगवद गीता भेजकर रचा इतिहास, साल का पहला मिशन कामयाब

-पीएसएलवी - सी51/अमाजोनियां -1 समेत 19 उपग्रह भेजे गए

अमरावती (आंध्र प्रदेश), 28 फरवरी

पीएसएलवी – सी51: इसरो ने एक और इतिहास रच दिया है। आज रविवार को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पहली बार ब्राजील का उपग्रह लेकर अंतरिक्ष रवाना हुई। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का 2021 में पहला प्रक्षेपण है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) एसएचएआर से 28 फरवरी सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर इसे प्रक्षेपित किया गया।

इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर सिवान ने कहा है कि यह इस साल का पहला प्रक्षेपण है और इस कमर्शियल मिशन का सफल प्रक्षेपण किया गया है। 2021 में भारत का यह पहला अंतरिक्ष अभियान PSLV रॉकेट के लिए काफी लंबा होगा क्योंकि इसके उड़ान की समय सीमा 1 घंटा 55 मिनट और 7 सेकेंड की होगी।

पीएसएलवी-सी51

637 किलोग्राम वजनी अमेजोनिया-1 ब्राजील का पहला उपग्रह है, जिसे भारत से प्रक्षेपित किया गया। यह राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (आईएनपीआई) का ऑप्टिकल पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। इसरो में 19 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है। ब्राजील का उपग्रह कृषि विविधता का विश्लेषण करेगा। इसके अलावा यह उपग्रह अमेजन क्षेत्र में वनों की कटाई की निगरानी और ब्राजील के क्षेत्र में विविध कृषि के विश्लेषण के लिए उपयोगकर्ताओं को दूरस्थ संवेदी आंकड़े मुहैया कराएगा।

भगवद गीता और PM मोदी की तस्वीर पहुंची अंतरिक्ष

पीएसएलवी- सी51/अमेजोनिया-1 मिशन के लिए उल्टी गिनती शनिवार सुबह आठ बजकर 54 मिनट पर शुरू हो गई। पीएसएलवी-सी51 पीएसएलवी का 53वां मिशन है। इस अंतरिक्ष यान के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई है। प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर पहल और अंतरिक्ष निजीकरण के लिए एकजुटता और आभार व्यक्त करने के लिए किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षित डिजिटल कार्ड में ‘भागवद् गीता‘ भी भेजी गयी।

इसरो की वाणिज्य इकाई न्यूस्पेस इंडिया लिमिटिड (एनएसआईएल) के लिए भी यह खास दिन है। इसरो का मुख्यालय बेंगलुरु में है। पीएसएलवी (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) सी51/अमेजोनिया-1 एनएसआईएल का पहला समर्पित वाणिज्यिक मिशन है जिसक प्रक्षेपण अमेरिका के सिएटल की उपग्रह राइडशेयर एवं मिशन प्रबंधन प्रदाता स्पेसप्लाइट इंक के वाणिज्य प्रबंधन के तहत किया गया है।

यह भी पढ़ें: IGNOU ने पर्यावरण विज्ञान में शुरू की MSc., उत्तराखंड में होगा अध्ययन केन्द्र

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