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योगी ने कुशीनगर हवाई अड्डे की स्वीकृति को लेकर प्रधानमंत्री का जताया आभार

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के जनपद कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की स्वीकृति के लिए केन्द्र सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली, जनपद कुशीनगर में एक नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट का भी आभार है, जिन्होंने हमारी सरकार के समय में उत्तर प्रदेश को दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदान करने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की है। 

23 करोड़ की आबादी वाले राज्य में महज दो एयरपोर्ट पर्याप्त नहीं

उन्होंने कहा कि इससे पूर्व प्रदेश में दशकों से लम्बित जेवर एयरपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। उत्तर प्रदेश में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में अभी दो एयरपोर्ट लखनऊ व काशी में संचालित हैं। लगभग 23 करोड़ आबादी वाले राज्य, उत्तर प्रदेश, में दो एयरपोर्ट पर्याप्त नहीं थे।

कुशीनगर हवाई अड्डा
कुशीनगर हवाई अड्डा
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द काम होगा शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे केंद्र सरकार ने अपनी सहमति भी दी थी और अब दुनिया की 100 सबसे अच्छी परियोजनाओं में जेवर एयरपोर्ट शामिल होने जा रहा है। हम इस निर्माणाधीन एयरपोर्ट पर बहुत शीघ्र कार्य प्रारम्भ करके इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करेंगे।

पूर्वांचल क्षेत्र के विकास को मिलेगी ग​ति

उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर के लिए वर्षों से इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। यह मामला काफी दिनों से लम्बित पड़ा हुआ था। 

महात्मा बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर में अंतरराष्टीय हवाई अड्डे की स्थापना हो जाने पर पूर्वांचल क्षेत्र के विकास को ग​ति मिलेगी। उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरव का​ विषय है कि महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़े अनेक महत्पूर्ण स्थल यहां अवस्थित हैं। इनमें कुशीनगर सहित सारनाथ, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशाम्बी, संकिसा आदि सम्मिलित हैं। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बनी एवं तपस्या स्थली बोधगया भी यहां से दूर नहीं हैं। 

बुद्ध से जुड़े स्थलों को बौद्ध सर्किट से जोड़ने का काम कर रही सरकारी

उन्होंने प्रदेश सरकार के कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि महात्मा बुद्ध से जुड़े स्थलों को बौद्ध सर्किट के माध्यम से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों एवं श्रद्धालओं को भगवान बुद्ध से जुड़े इन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी। 

कई देशों के बौद्ध धर्म के अनुयायियों को आने में मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इन प्रयासों में कुशीनगर का अंतरराष्टीय हवाई अड्डा महत्वपूर्ण योगदान करेगा। इस हवाई अड्डे के संचालित हो जाने पर थाईलैण्ड, जापान वियतनाम, म्यांमार, श्रीलंका, ताईवान सहित विश्व के अनेक देशों के बौद्ध धर्म के अनुयायियों व अन्य पर्यटकों को प्रदेश में स्थित बौद्ध स्थलों का भ्रमण करने में सुगमतता होगी।

रोजगार के नये अवसर होंगे सृजित

उन्होंने कहा कि कुशीनगर अंतरराष्टीय हवाई अड्डे की स्थापना से न केवल प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी गति​विधियां बढ़ेंगी, बल्कि भारी संख्या में रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे। कुशीनगर एयरपोर्ट की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग 590 एकड़ भूमि क्रय करते हुए निर्माण कार्य प्रारम्भ किया था। इसके बाद हवाई अड्डे के निर्माण के लिए लगभग 190 करोड़ की धनराशि जारी करते हुए भारत सरकार के उपक्रम ‘राइट्स’ के जरिए एयरपोर्ट स्थापना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया गया। इनमें 3200 गुणा 45 मीटर का रन-वे तथा एसीसी टावर आदि शामिल हैं। 

20 वर्षों से लम्बित परियोजना को लगेंगे पंख

एयरपोर्ट के आगे के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने 05 मार्च 2019 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी थी कि आगे की कार्रवाई वह करे। 04 अक्टूबर 2019 को परियोजना की हस्तान्तरण प्रक्रिया सम्पन्न हो गई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार को 20 वर्षों से लम्बित नोएडा इंटरनेशन एयरपोर्ट परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में सफलता मिली।

एयरपोर्ट का मार्ग प्रशस्त होने जाने से उत्तर प्रदेश में सम्भावनाओं के नये द्वार खुलेंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने की मंजूरी दी गई है।

यह भी पढ़ें: क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट करेगी केंद्र सरकार, बैलेंस शीट में उल्लेख करना अनिवार्य

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