20.1 C
New Delhi
March 5, 2024
उत्तर प्रदेश

उप्र : अब हर जिले में होगा एक ऐण्टी Power theft पुलिस थाना

- प्रवर्तन दलों की संख्या को 33 से बढ़ाकर किया गया 88 
- इस वर्ष मई तक बिजली चोरी के 20,401 मामले दर्ज,2.75 करोड़ की वसूली

लखनऊ : प्रदेश में बिजली चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाये हैं। इसके लिए उप्र पाॅवर कारपोरेशन के अधीन सतर्कता इकाई के प्रवर्तन दलों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 88 कर दिया गया है, जिनमें से 53 प्रवर्तन दल क्रियाशील किये जा चुके हैं और शेष पर कार्यवाही चल रही है। शासन द्वारा यह निर्णय जनसंख्या वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं की अधिक संख्या को देखते हुए किया गया है।  

दरअसल पहले बिजली चोरी से संबंधित अपराध जहां जनपदीय थानों में दर्ज किये जाते थे, वहां पर कार्य के अधिक दबाव को देखते हुये इस दिशा में तेजी से काम नहीं हो पाता था। इसलिए उप्र पाॅवर कारपोरेशन लिमिटेड के अधीन सतर्कता इकाई के अन्तर्गत शासन ने सभी 75 जिलों में एक-एक Anti Power theft पुलिस थाना की स्थापना किये जाने का निर्णय किया है, जिसमें से 63 थानों पर अपराधों का पंजीकरण कर विवेचना प्रारम्भ कर दी गयी है। 

Power theft

इन सभी विद्युत थानों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया गया है एवं जरूरी उपकरण व सामग्री उपलब्ध करायी गयी है। अवशेष बिजली थानों को शीघ्र क्रियाशील किये जाने के लिए कार्यवाही तत्परता से की जा रही है।

बिजली चोरी रोकने के लिए वर्ष 2020 में 31 मई तक 60,294 छापेमारी की है

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश अवस्थी के मुताबिक उप्र पाॅवर कारपोरेशन के अधीन सतर्कता इकाई के प्रवर्तन दलों ने बिजली चोरी रोकने के लिए वर्ष 2019 में 1,56,664 तथा वर्ष 2020 में 31 मई तक 60,294 छापेमारी की है। वर्ष 2019 में बिजली चोरी के 90,467 तथा वर्ष 2020 में 31 मई तक की अवधि में 35,992 चोरी के प्रकरण पकड़े गये हैं। 

इस संबंध में जहां वर्ष 2019 में कुल 49,877 अभियोग Anti Power theft थानों पर पंजीकृत किये गये तथा 2,255 लाख 3पये से अधिक की धनराशि शमन शुल्क के रूप में वसूली गयी। वहीं वर्ष 2020 में 31 मई तक की अवधि में बिजली चोरी के 20,401 अभियोग पंजीकृत किये गये तथा 275 लाख रुपये की धनराशि वसूली गयी।  

निदेशक, कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन (पावर कारपोरेशन)  ए.के. पुरवार के मुताबिक Anti Power theft पुलिस थानों पर सितम्बर 2019 से मई 2020 तक 52,799 मुकदमे किये गये हैं। कोरोना महामारी के दौरान उप्र पाॅवर कारपोरेशन लिमिटेड की सतर्कता इकाई में प्रतिनियुक्ति पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 10.50 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में प्रदान किया गया है। 

इसके अलावा कोरोना महामारी में लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में क्रियाशील 53 प्रवर्तन दल की टीमों एवं 63 ऐण्टी पाॅवर थेफ्ट पुलिस थानों के प्रभारियों द्वारा खाद्यान्न सामग्री के 55 हजार फूड पैकेट-राशन भी पात्र व्यक्तियों को वितरित किया गया।    

Related posts

लखनऊ और गोरखपुर में होगा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल

Buland Dustak

विश्व के कल्याण हेतु भारत का हिन्दू राष्ट्र होना एक अपरिहार्य आवश्यकता

Buland Dustak

उत्तर प्रदेश की कोविड राजधानी बना लखनऊ, 24 घंटे में 36 मरीजों की मौत

Buland Dustak

उप्र में वोकल फॉर लोकल को मिलेगा बढ़ावा, औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती

Buland Dustak

CM योगी ने लॉन्च किया ‘मेरी सरकार’ पोर्टल, बोले-लोगों के जान सकेंगे सुझाव

Buland Dustak

हाथरस कांड में नया मोड़, पूर्व विधायक ने परिजनों पर लगाया आरोप

Buland Dustak