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भारत-सऊदी अरब के बीच रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद

नई दिल्ली, 15 फरवरी (हि.स)। रॉयल सऊदी लैंड फोर्सेज के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल फहद बिन अब्दुल्ला मोहम्मद अल-मुटैर भारत की पहली यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से मुलाकात करके द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के मुद्दे पर चर्चा की। जनरल नरवणे ने दिसंबर, 2020 में भारत-सऊदी अरब का पहला दौरा किया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खुले हैं।

भारत-सऊदी अरब

रॉयल सऊदी लैंड फोर्सेज के कमांडर की यह पहली ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच गहन द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का प्रतीक है। साउथ ब्लॉक में भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लेफ्टिनेंट जनरल अल-मुटैर का स्वागत किया, जहां उन्हें सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा के लिए जनरल नरवणे से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

भारत-सऊदी अरब के बीच संबंध आर्थिक समृद्धि में साझा हितों, आतंकवाद के संकट को खत्म करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के कारण बढ़े हैं। रक्षा कूटनीति समग्र संबंधों के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है। लेफ्टिनेंट जनरल फहद बिन अब्दुल्ला मोहम्मद अल-मुटैर 16 फरवरी को सऊदी भारत-सऊदी अरब के लिए प्रस्थान करेंगे। खाड़ी देशों की पहली यात्रा पर गए जनरल नरवणे ने दिसंबर, 2020 में सऊदी अरब का दौरा किया था।

उनकी इस यात्रा में दोनों देशों में इंटेलिजेंस शेयरिंग, आतंकवाद विरोधी प्रयास, पाकिस्तान को आर्थिक सहयोग करने वाली वित्त पोषण एजेंसियों को रोकने, संयुक्त प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम शुरू करने, मेक इन इंडिया के साथ रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास करने और आपसी सहयोग से प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। अब रॉयल सऊदी लैंड फोर्सेज के कमांडर की इस पहली यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग के और नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

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